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आधार! डाक विभाग ने लॉन्च किया डीजिपिन नंबर। Property Aadhaar

अब आपको अपने घर का पता बताने के लिए सड़क, गली, मोहल्ला, वार्ड, शहर, जिला आदि की जरूरत नहीं पड़ेगी। केवल 10 अंकों वाला डीजिपिन नंबर ही काफी होगा।

जैसे हमारे पास आधार कार्ड एक यूनिक पहचान संख्या है, ठीक उसी तरह अब हमारे घर का भी एक डिजिटल एड्रेस कोड होगा। डाक विभाग (India Post) ने इस दिशा में एक क्रांतिकारी पहल की है और एक नया प्लेटफॉर्म “अपना डीजिपिन जानें” लॉन्च किया है। इसके ज़रिए हर घर का सटीक डिजिटल पता तैयार किया जाएगा और उसे 10 अंकों का यूनिक डीजिपिन नंबर दिया जाएगा।

इसकी सबसे बड़ी खासियतें क्या हैं?

गलत पते की वजह से होने वाले 10-14 अरब डॉलर के वार्षिक नुकसान को रोका जा सकेगा
डीजिपिन से सरकारी योजनाओं की डिलीवरी, ई-कॉमर्स डिलीवरी, आपातकालीन सेवाएं, और सटीक एड्रेस वेरिफिकेशन बेहद आसान हो जाएगा
देश के 1.5 लाख से ज्यादा पिन कोड एरिया की सीमाओं को भी डिजिटल तरीके से परिभाषित किया गया है
प्रत्येक पिन कोड क्षेत्र के भीतर लोकेशन की पहचान डीजिपिन से संभव होगी, जिससे किसी भी व्यक्ति या संस्था के पते की सटीक पुष्टि की जा सकेगी

क्या है डीजिपिन और कैसे करेगा काम?

डीजिपिन (Digital Post Index Number) एक डिजिटल लोकेशन कोड है जिसे गूगल मैप की तरह GPS, सैटेलाइट इमेजरी और जियो-फेंसिंग तकनीक से तैयार किया गया है। इसे तैयार करने में ISRO, IIT हैदराबाद और नेशनल सेंटर फॉर सेंसिटिव मैपिंग जैसी संस्थाओं की मदद ली गई है।

  • देश को 4×4 मीटर के ब्लॉक्स में बांटा गया है
  • हर ब्लॉक को एक यूनिक 10 अंकों वाला डीजिपिन नंबर दिया गया है
  • आप इस नंबर को अपने घर या ऑफिस के लिए www.indiapost.gov.in की वेबसाइट पर जाकर खोज सकते हैं
  • इस सिस्टम में GPS और सैटेलाइट डेटा की मदद से आपके पते की सटीक लोकेशन तय की जाती है

इसकी सबसे बड़ी खासियतें क्या हैं?

इसकी सबसे बड़ी खासियतें क्या हैं?
गलत पते की वजह से होने वाले 10-14 अरब डॉलर के वार्षिक नुकसान को रोका जा सकेगा
डीजिपिन से सरकारी योजनाओं की डिलीवरी, ई-कॉमर्स डिलीवरी, आपातकालीन सेवाएं, और सटीक एड्रेस वेरिफिकेशन बेहद आसान हो जाएगा
देश के 1.5 लाख से ज्यादा पिन कोड एरिया की सीमाओं को भी डिजिटल तरीके से परिभाषित किया गया है
प्रत्येक पिन कोड क्षेत्र के भीतर लोकेशन की पहचान डीजिपिन से संभव होगी, जिससे किसी भी व्यक्ति या संस्था के पते की सटीक पुष्टि की जा सकेगी

अक्षांश-देशांतर के आधार पर तय होगा आपका पता

इस प्रणाली में भू-कोडिंग और अक्षांश-देशांतर (Latitude-Longitude) के आधार पर डिजिटल एड्रेस तैयार किया जाएगा, जिससे हर स्थान का जियो-लोकेशन आधारित यूनिक एड्रेस बन सकेगा।

यह सिस्टम डाक विभाग के साथ-साथ अन्य सरकारी और निजी सेवाओं के लिए भी अत्यंत उपयोगी होगा। इससे कूरियर डिलीवरी, दस्तावेज भेजना, फायर ब्रिगेड, पुलिस और एंबुलेंस जैसी सेवाओं को लोकेट करने में तेजी औ

सरकार की ई-गवर्नेंस में बड़ी छलांग

डिजिटल इंडिया की दिशा में यह एक बड़ी पहल है जो सटीकता, पारदर्शिता और त्वरित सेवा पहुंच को बढ़ावा देगी। दिसंबर 2023 में इस पर काम तेज करने के लिए विशेष कार्यबल का गठन किया गया था।

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